गिलोय के औषधीय गुण

गिलोय की बेल पूरे भारत देश में पाई जाती है. इसको लोग मधुपर्णी, अमृता, तंत्रिका, कुण्डलिनी गुडूची आदि नामों से जानते हैं. आम तौर पर गिलोय की बेल नीम के पेड़ या फिर आम के पेड़ के आस पास उगती है. नीम के पेड़ पर पाई जाने वाली गिलोय की बेल को सबसे सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक औषधि माना जाता है. इस लेख में हम आपको गिलोय केऔषधीय गुण बताने जा रहे हैं जिनसे शायद आप पहले से वाकिफ नहीं होंगे. लेकिन उससे पहले हम आपको बता दें कि गिलोय का फल दिखने में मटर के दानो में समान होता है. इसमें मुख्य रूप से एलकेलायड और ग्लुकोसाइड गिलोइन पाया जाता है जोकि कईं प्रकार के रोगों के लिए वरदान साबित होते हैं.





हमारे भारत में सदियों से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियो का इस्तेमाल रोगों का खात्मा करने के लिए किया जाता रहा है. इन्ही में से गिलोय भी एक ऐसी बेल है जिसके पत्ते और कांड दोनों ही मनुष्य के लिए लाभकारी साबित होते हैं. गिलोय की बेल का एक प्रमुख गुण यह भी है कि इस बेल को जिस पेड़ पर चढ़ाया जाए, यह उसी के गुण अपने में ग्रहण कर लेती है. नीम के पेड़ के साथ मिल कर गिलोय के औषधीय गुण और भी अधिक असरदार हो जाते हैं. बहरहाल चलिए जानते हैं आखिर गिलोय के औषधीय गुण क्या हो सकते हैं-

गिलोय के औषधीय गुण
  •  गिलोय आयुर्वेद ग्रंथ में सबसे उत्तम मानी जाती है. इसकी पत्तियां, जडें और तना तीनो ही भाग सेहत के लिए गुणकारी हैं. परंतु बिमारियों में गिलोय के डंठल का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है.
  • गिलोय में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट , एंटी इंफ्लेमेटरी और कैंसर नाशक तत्व मौजूद होते हैं जोकि हमे कब्ज़, डायबिटीज़, अपच, मूत्र संबंधी रोगों से छुटकारा दिलवाते हैं.
  • गिलोय में मौजूद औषधीय गुण वात, पित्त और कफ़ तीनो की रोकथाम करते हैं.
  • गिलोय की बेल में टोक्सिन मौजूद होते हैं जोकि ज़हरीले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने में सहायक हैं. 

गिलोय के फायदे


गिलोय के औषधीय गुण और फायदों के चलते ही इसका इस्तेमाल कईं तरह की दवाइयों में किया जाता है. गिलोय के फायदे निम्नलिखित हैं-

पेशाब में रुकावट 

यदि आपको पेशाब आने में किसी प्रकार की रुकावट या दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तो गिलोय के औषधीय गुण आपके लिए उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं. इसके लिए पीड़ित व्यक्ति को 10 से 20 ग्राम गिलोय के रस में 1 चम्मच शहद मिला कर दिन में तीन से चार बार चाटने को दें. इससे पेशाब संबंधित सभी रोग जड़ से मिट जाते हैं.

नेत्र रोग 

आँखों से संबंधित रोगों के लिए गिलोय के औषधीय गुण प्रभावी हैं. इसके लिए मरीज़ को नियमित रूप से 11.5 ग्राम गिलोय के रस में 1 ग्राम सेंध नामक म्क्ला कर दें इससे आपके सभी प्रकार के नेत्र रोग नष्ट हो जाएंगे और साथ ही आँखों की रौशनी में बढ़ावा होगा.

दस्त के लिए

दस्त के लिए गिलोय के औषधीय गुण लाभकारी हैं. इसके लिए दस्त ग्रसित व्यक्ति को 10 से 15 ग्राम गिलोय के रस में 4 से 6 ग्राम मिश्री मिला कर सुबह शाम दें. ऐसा करने के कुछ ही समय में आपको लाभ अनुभव होगा

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